हैज़ व निफास के अहकाम | Haiz wa nifas ke ahkam in hindi part 2
हैज़ व निफास के अहकामः - हैज़ व निफ़ास की हालत में नमाज़ पढ़ना और रोज़ा रखना हराम है । इन दोनों में नमाज़ें माफ़ हैं । उनकी क़ज़ा भी नहीं । अलबत्ता रोज़ों की क़ज़ा दूसरे दिनों में रखना फ़र्ज़ है । और हैज़ व निफ़ास वाली औरत को क़ुरआन मजीद पढ़ना हराम है । ख़्वाह देख कर पढ़े या ज़बानी पढ़े । यूं ही क़ुरआन मजीद का छूना भी हराम है । हां अगर जुज़दान में क़ुरआन मजीद हो तो उस जुज़दान को छूने में कोई हरज नहीं । ( आलमगीरी जि . 1 स . 36 )
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